चंद्र मंगल स्तोत्र | Chandra Mangal Stotra PDF in Hindi

Chandra Mangal Stotra Hindi PDF

यदि आप चंद्र मंगल स्तोत्र PDF / Chandra Mangal Stotra PDF इंटरनेट पर ढूंढ रहे हैं, तो इस लेख पर निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय ज्योतिष में मंगल ग्रह को नव ग्रहों का सेनापति माना जाता है साथ ही मंगल ग्रह को युद्ध, साहस और वीरता का ग्रह भी माना जाता है। कहा जाता है कि मंगल ग्रह मनुष्यों कि मनोस्थिति को नियंत्रित करता है इसी के अतिरिक्त ज्योतिष विद्वानों के अनुसार चंद्र देव को भी मन और मानसिक स्थिति का देवता माना जाता है। जिनकी कुंडली में मंगल उच्च भाव में होता है, वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करते हैं।

इसी के अतिरिक्त जिनकी कुण्डली में मंगल निम्न भाव का होता है उनमें आत्मविश्वास की कमी पाई जाती है। जिसके कारण वे सही दिशा में होते हुए भी ठीक प्रकार से प्रयास नहीं कर पाते हैं और उनके लिए सफलता प्राप्त करना बहुत ही कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई व्यक्ति चंद्र मंगल स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करता है तो भगवान चंद्रदेव की कृपा से उसको अपने जीवन में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होती है।

चंद्र मंगल स्तोत्र PDF | Chandra Mangal Stotra PDF Details

चंद्र मंगल स्तोत्र | Chandra Mangal Stotra Hindi PDF Summary

चंद्र मंगल स्तोत्र का पाठ भगवान चंद्र देव को समर्पित है और उनको शीघ्र प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है। इसलिए जो व्यक्ति लंबे समय से मानसिक रोगों से पीड़ित है, उसे चंद्रदेव की पूजा करने से शीघ्र ही इस रोग से मुक्ति मिल जाती है। ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार को मंगल ग्रह से संबंधित माना गया है। इस दिन व्रत और विधिपूर्वक मंगल ग्रह की पूजा करने से मंगल दोषों से मुक्ति मिल जाती है।

चंद्र मंगल स्तोत्र | Chandra Mangal Stotram PDF

चन्द्रः कर्कटकप्रभुः सितनिभश्चात्रेयगोत्रोद्भवम् ।

आग्नेयश्चतुरस्रवा षण्मुखश्चापोऽप्युमाधीश्वरः ।

षट्सप्तानि दशैक शोभनफलः शौरिप्रियोऽर्को गुरुः ।

स्वामी यामुनदेशजो हिमकरः कुर्यात्सदा मङ्गलम् ॥

॥ प्रार्थना॥

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम् ।

पूजाविधिं न हि जानामि क्षमस्व परमेश्वर ॥

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर ।

यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे ॥

रोहणीश सुधामूर्ते सुधारूप सुधाशन ।

सोम सौम्यो भवास्माकं सर्वारिष्टं निवारय ॥

ॐ अनया पूजया चन्द्रदेवःप्रीयताम् ॥

॥ ॐ चन्द्राय नमः ॐ शशाङ्काय नमः ॐ सोमाय नमः ॥

॥ ॐ शान्तिः ॐ शान्तिः ॐ शान्तिः ॐ ॥

इति श्रीचन्द्रमङ्गलस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

चंद्रदेव की आरती | Chandra Dev Aarti Lyrics PDF

  • ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।
  • दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी।
  • रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी।
  • दीन दयाल दयानिधि, भव बंधन हारी।
  • जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
  • सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि।
  • योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें।
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, संत करें सेवा।
  • वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी।
  • प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी।
  • शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी।
  • धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे।
  • विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी।
  • सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें।
  • ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।

How to download Chandra Mangal Stotram PDF in Hindi ?

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