दीपावली निबंध हिंदी में PDF | Essay on Diwali in Hindi PDF

Mata Shri Lakshmi

यदि आप दीपावली पर निबंध PDF / Essay on Diwali in Hindi PDF ढूंढ रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल के माध्यम से आप दिवाली पर निबंध PDF को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। दिवाली का त्यौहार हिंदुओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस त्यौहार का सभी लोग पूरे साल प्रतीक्षा करते हैं। भारत देश के निवासी दिवाली के इस मुख्य त्यौहार को किसी और देश में रहने पर भी बड़ी ही श्रद्धा – भक्ति से मानते हैं।

Essay on Diwali PDF Download | दीपावली पर निबंध PDF Details

Essay on Diwali in Hindi With Headings PDF | दीपावली निबंध हिंदी में PDF Download

  • दीपावली निबंध प्रस्तावना 

भारत एक ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा उत्सव एवं त्यौहार बहुत ही हषोल्लास से मनाए जाते हैं। दिवाली भी उन्हीं में से मनाया जाने वाला हिंदुओं के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है। इस त्यौहार को बड़ी ही धूम – धाम और श्रद्धा से पूरे देश भर में मनाया जाता है। भारत में विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने उत्सव और पर्व को अपने परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते है। जैसा कि आपको पता है कि दीवाली हिन्दू धर्म के लिये सबसे महत्वपूर्ण, पारंपरिक, और संस्कृति का त्यौहार है जिसको सभी अपने परिवार, मित्र और पड़ोसियों के साथ पूरे उत्साह से मनाते है।

  • दीपावली कब और क्यों मनाया जाता है?

दीपावली दीपों एवं खुशियों का त्यौहार है। यह पर्व प्रति वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। हर साल मनाए जाने वाले इस पर्व के पीछे बहुत – सी गाथाएँ प्रचलित हैं। उनमें से एक है श्री राम का लंका से अयोध्या वापस लौटकर आना। जब प्रभु श्री राम अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस लौटकर आए थे तो गाँव वालों ने उनके आने की खुशी में पूरे गाँव में दीप जलाकर भगवान राम का भव्य स्वागत किया था। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व का हर दिन किसी खास परंपरा और मान्यता से जुड़ा हुआ है जिसमें पहला दिन धनतेरस का होता है इसमें हम लोग सोने-चाँदी के आभूषण या बर्तन खरीदते है, दूसरे दिन छोटी दीपावली होती है जिसमें सभी लोग शरीर के सारे रोग और बुराई मिटाने के लिये सम्पूर्ण देह पर सरसों का उबटन लगाते है, तीसरे दिन मुख्य दीपावली होती है इस दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है जिससे घर में सुख, समृद्धि एवं वैभव का आगमन हो, चौथे दिन हिन्दू कैलंडर के अनुसार हिन्दू नव वर्ष का शुभारम्भ होता है और अंत में पाँचवां दिन भाई-बहन का होता है अर्थात् इस दिन को भाई-दूज के नाम से जाना जाता है।

  • दीपावली का अर्थ

दिवाली जिसे कि दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व दीपों एवं रोशनी का त्यौहार है इसीलिए इसे दीपावली कहते हैं। रोशनी का उत्सव ‘दीपावली’ असल में दो शब्दों से मिलकर बना है- दीप +आवली। जिसका वास्तविक अर्थ है, दीपों की पंक्ति। दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो कि पूरा देश एक साथ मिलकर मनाता है। इसे मनाने के पीछे कई सारी पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं। लेकिन इनमें से मुख्यतः है रावण को लंका के युद्ध में हराकर प्रभु श्री राम की विजय प्राप्त करना एवं 14 वर्ष का वनवास काटकर अपने राज्य अयोध्या वापस लौट आना।

  • बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व 

इस दिन को हम बुराई परअच्छाई की जीत के लिये भी जानते है क्योंकि इस दिन प्रभु श्री राम रावण को हराकर एवं 14 वर्ष का वनवास व्यतीत करके अपने राज्य अयोध्या वापस लौटे थे।गाँव वासियों ने उनके आने की खुशी में अपने घरों के साथ- साथ इस दिन पूरे राज्य को भी दीपों की जगमगाहट से रोशन कर दिया था। इसी कारण दिवाली को दीपों का त्यौहार भी कहा जाता है। इस दिन वह रावण को युद्ध में हराकर अपनी पत्नी सीता को लंका से लेकर अपने छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस आए थे। इसीलिए इस त्यौहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है।

  • दीपावली का आर्थिक महत्व

दीवाली का त्यौहार में भारत के लोग इस दिन बहुत तरह की खरीददारी करते हैं। वह इस पर्व पर नए कपड़े, घर के सामान, उपहार, सोने के आभूषण और अन्य बड़ी करते हैं। इस पर्व पर आभूषण या कोई भी वस्तु खरीदना बड़ा ही शुभ माना जाता है। क्योंकि लक्ष्मी को, धन, समृद्धि, और निवेश की देवी माना जाता है। दीवाली भारत में सोने और आभूषणों की खरीद का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। आतिशबाजी की खरीद भी इस दौरान अपने चरम सीमा पर रहती है। प्रत्येक वर्ष दीवाली के दौरान पांच हज़ार करोड़ रुपए के पटाखों अदि की खपत हो जाती है।

  • बच्चों की दीवाली

बच्चे इस दिन का पूरी साल इंतजार करते है और पर्व आने पर बहुत खुश और उत्तेजित हो जाते हैं इसीलिए इस पर्व को बच्चे बड़ी ही उत्सुकता से मनाते हैं। बच्चे और बड़े सभी नए – नए वस्त्र पहनते हैं। वे अपने परिवार के साथ मिलकर पटाखे चलाते हैं। सभी घरों में खूबसूरत सजावट की जाती है एवं दीप जलाए जाते हैं। हिन्दू कैलंडर के अनुसार सूरज डूबने के बाद लोग इसी दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

जहाँ एक ओर लोग ईश्वर की पूजा कर सुख, समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना करते है वहीं दूसरी ओर पाँच दिनों के इस पर्व पर सभी अपने घर में स्वादिष्ट भोजन और मिठाइयाँ भी बनाते है। इस दिन लोग पशा, पत्ता आदि कई प्रकार के खेल भी खेलना पसंद करते है। इसको मनाने वाले अच्छे क्रियाकलापों में भाग लेते है और बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये बुरी आदतों का त्याग करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से उनके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ, समृद्धि, संपत्ति और प्रगति आती है। इस अवसर पर सभी अपने मित्र, परिवार और रिश्तेदारों को बधाई संदेश और उपहार देते है। परिवार के सभी लोग अपने मित्रों और पड़ोसियों में मिठाइयाँ बाँटते हैं।

  • दीपावली पर गणेश – लक्ष्मी पूजन का महत्व 

दीपावली के दिन बड़ी ही निष्ठा एवं आस्था से यह पर्व मनाया जाता है। दिवाली के महोत्सव में माँ लक्ष्मी, सरस्वती, भगवान गणेश एवं श्री कुबेर जी की पूजा का विशेष महत्व है। दीपावली के सुअवसर पर प्रत्येक घर में माँ लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की पूजा की जाती है क्योंकि माँ लक्ष्मी को धन – धान्य की देवी माना जाता है और भगवान गणेश को ज्ञान और बुद्धि का देवता माना जाता है। इस त्यौहार को भारत सहित और भी देशों में बड़ी ही उत्साह से लोग मनाते हैं। इस दिन परिवार के सभी सदस्य मिलकर लक्ष्मी माता एवं गणपती जी का पूजन करते हैं।

  • निष्कर्ष

दीपावली पर्व है अपने अंदर के अंधकार को मिटा के समूचे वातावरण को प्रकाशमय बनाना। दीपावली हिंदूओं का प्रमुख पर्व है। यह पर्व समूचे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। दीपावली के दिन घरों में दिए, दुकानों तथा प्रतिष्ठानों पर बहुत सारे सजावट और दिए जलाये जाते है। बाजारों में खूब चहल-पहल होती है। मिठाई तथा पटाखों की दुकानें खूब सजी होती हैं। इस दिन पकवानों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियां तथा अन्य पटाखे खरीदते हैं और बड़े बच्चों द्वारा किये गए आतिशबाजी का आनंद उठाते है।

दीपावली पर निबंध PDF | Deepawali Par Nibandh PDF in Hindi

  • दिवाली का त्यौहार हिंदूओ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है।
  • दिपावली को दीप का त्यौहार भी कहा जाता है।
  • दिवाली इसलिए मनायी जाती है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे।
  • भगवान श्री राम के वापिस अयोध्या लौटने की खुशी में वहां के लोगों ने इस दिन को दीवाली के रूप में मनाया।
  • दिवाली का त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवम्बर माह में आता है।
  • इस दिन पूरे भारत को दुल्हन की तरह सजाया जाता है।
  • दीवाली की शाम भगवान लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
  • इन दिन सभी लोग अपने घरों, दुकानों, दफ्तरों आदि में दीप जलाते हैं।
  • दीवाली के दिन सभी लोग अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को मिठाई, गिफ्ट आदि देते हैं।
  • इन दिन बहुत से लोग पटाखे, फुलझड़ी, आदि भी जलाते हैं।

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